दस साल पहले…
रुद्रांश देव…
सब कुछ खो चुका था।
उसका परिवार…
उसका करियर…
उसकी पहचान…
सब कुछ…
एक ऐसी साज़िश में…
खत्म कर दिया गया…
जिसका कोई सबूत…
कभी नहीं मिला।
दुनिया ने…
उसे अपराधी समझा।
दोस्तों ने…
साथ छोड़ दिया।
और…
जिन लोगों ने…
उसकी ज़िंदगी बर्बाद की…
वे…
पहले से भी ज़्यादा ताकतवर बन गए।
दस साल बाद…
वही लोग…
एक-एक करके…
सब कुछ खोने लगे।
किसी की कंपनी…
किसी का परिवार…
किसी की इज़्ज़त…
और किसी का साम्राज्य।
लेकिन…
कहीं भी…
रुद्रांश का नाम नहीं था।
बस…
हर घटना के बाद…
एक पंक्ति मिलती थी—
“हिसाब अभी पूरा नहीं हुआ…”
All Chapters
- अध्याय 1 — बर्बादी की शुरुआत
- अध्याय 2 — दस साल बाद
- अध्याय 3 — पहला हिसाब
- अध्याय 4 — टूटता हुआ साम्राज्य
- अध्याय 5 — पुरानी फाइल
- अध्याय 6 — छिपा हुआ गवाह
- अध्याय 7 — झूठ का साम्राज्य
- अध्याय 8 — असली मोहरा
- अध्याय 9 — नकाब के पीछे
- अध्याय 10 — मास्टरमाइंड
- अध्याय 11 — आख़िरी बदला
- अध्याय 12 — जिसने मुझे तोड़ा… मैंने उसकी दुनिया तोड़ दी
