शहर से करीब पचास किलोमीटर दूर एक पुरानी सड़क थी।
लोग कहते थे रात के बारह बजे वहाँ लाल जोड़े में एक दुल्हन दिखाई देती है।
वह कभी किसी से बात नहीं करती।
बस धीरे-धीरे चलती रहती है।
जो भी उसके पीछे गया या तो गायब हो गया या उसकी याददाश्त हमेशा के लिए चली गई।
किसी ने उसे भूत कहा।
किसी ने अधूरी दुल्हन।
लेकिन पत्रकार आर्यमान कपूर को इन कहानियों पर यक़ीन नहीं था।
उसे लगा यह सिर्फ़ अंधविश्वास है।
लेकिन पहली ही रात जब उसने उस दुल्हन का पीछा किया तो उसे जंगल के बीच एक बंद हवेली मिली जिसका दरवाज़ा अंदर से खुला था।
