शहर का…
सबसे पुराना…
और सबसे आलीशान होटल।
होटल ग्रैंड क्राउन।
लेकिन…
उसकी तीसरी मंज़िल पर…
एक कमरा था…
रूम 309।
बीस सालों से…
उस कमरे के बारे में…
एक ही अफ़वाह थी—
“रात गुज़ारो… तो सुबह बदल जाओगे।”
किसी ने कहा…
वहाँ भूत है।
किसी ने कहा…
कमरा शापित है।
लेकिन…
होटल का हर कर्मचारी…
उस कमरे का नाम सुनते ही…
चुप हो जाता था।
जब खोजी पत्रकार…
अद्वैत चौहान…
उसी कमरे में ठहरने पहुँचा…
तो उसे लगा…
यह सिर्फ़ एक अफ़वाह है।
लेकिन…
सुबह…
कमरा अंदर से बंद था।
अद्वैत गायब था।
और…
उसकी डायरी में…
बस एक पंक्ति लिखी मिली—
“रूम 309 कभी किसी को जाने नहीं देता…”
