शादी के बाद की जिंदगी कभी-कभी सबसे बड़ा illusion होती है।
मेरा नाम मिशिका राय है। 28 साल की, दिल्ली की एक अच्छी मार्केटिंग जॉब वाली, स्वतंत्र लड़की। मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मेरी शादी के बाद की जिंदगी इतनी… अलग हो जाएगी।
अर्जुन मेहरा — मेरा पति — अच्छा इंसान लगता था। आधुनिक, पढ़ा-लिखा, अच्छी जॉब। उसकी फैमिली भी “मॉडर्न” दिखती थी — बड़ी हवेली, लग्जरी कारें, विदेश घूमने वाले लोग। लेकिन जैसे ही मैं इस घर में आई, मुझे एहसास हुआ कि “मॉडर्न” सिर्फ़ दिखावा है।
अंदर से ये घर पुराने नियमों, छिपे राज़ों और कंट्रोल का खेल खेलता है।
मैं रोज़ नई-नई चीज़ें जान रही हूँ। कुछ बातें जो मुझे डरा रही हैं। कुछ राज़ जो मुझे तोड़ रहे हैं।
और सबसे खतरनाक बात — मैं अब इस खेल का हिस्सा बन चुकी हूँ।
क्या एक मॉडर्न बहू इस “मॉडर्न ससुराल” में खुद को बचा पाएगी? या ये परिवार उसे पूरी तरह बदल देगा?
All Chapters
- Chapter 1 – नई जिंदगी, पुराना साया
- Chapter 2 – घर की पहली सुबह
- Chapter 3 – बंद कमरे की आवाज़
- Chapter 4 – लॉक वाले कमरे का रहस्य
- Chapter 5 – दीवारों की सिसकी
- Chapter 6 – दीवारों के पीछे की साँस
- Chapter 7 – सच्चाई की पहली झलक
- Chapter 8 – डायरी का राज़
- Chapter 9 – अनन्या की सिसकी
- Chapter 10 – सच्चाई का सामना
- Chapter 11 – टूटते रिश्तों की चीख
- Chapter 12 – आजादी का फैसला
