पिता की मृत्यु के बाद पुश्तैनी घर लौटे साउंड इंजीनियर कबीर को हर रात ठीक 1:17 बजे नंगे पैरों की रहस्यमयी आहट सुनाई देती है। शुरुआत में footsteps courtyard तक सीमित रहती हैं, लेकिन हर रात वे घर के थोड़ा और अंदर आती जाती हैं। कोई दिखाई नहीं देता, फिर भी सुबह गीले footprints मिलते हैं। पिता की पुरानी recordings और diary की जाँच करते हुए कबीर को अपनी वर्षों पहले गायब हुई बुआ मीरा के बारे में पता चलता है, जिसे परिवार हमेशा घर छोड़कर भाग जाने वाली लड़की बताता रहा था। लेकिन जैसे-जैसे आहट उसी रास्ते को दोहराने लगती है जिस पर मीरा अपनी आखिरी रात चली थी, कबीर को एहसास होता है कि शायद मीरा इस घर से कभी गई ही नहीं थी।
All Chapters
- अध्याय 1 – पहली आहट
- अध्याय 2 – हर रात थोड़ा और पास
- अध्याय 3 – 1:17
- अध्याय 4 – ऊपर कौन गया?
- अध्याय 5 – मीरा कौन थी?
- अध्याय 6 – वो घर छोड़कर नहीं गई थी
- अध्याय 7 – रिकॉर्डिंग में चौथा कदम
- अध्याय 8 – उस रात दरवाज़ा बंद था
- अध्याय 9 – वापस आई थी मीरा
- अध्याय 10 – हमने दरवाज़ा देर से खोला
- अध्याय 11 – आहट कहाँ जाकर रुकती है?
- अध्याय 12 – आखिरी आहट
