अपनी बहन की मृत्यु और बिखरे परिवार के दुःख में जी रहा documentary filmmaker वेदांत एक सुनसान हवेली के रहस्यमयी आईने में अपनी मृत बहन को देखता है। अगली सुबह वह ऐसी दुनिया में जागता है जहाँ उसकी बहन कभी मरी ही नहीं, पिता जीवित हैं और उसकी टूटी हुई ज़िंदगी फिर से पूरी हो चुकी है। लेकिन बदली हुई दुनिया में उसका सबसे पुराना दोस्त कभी पैदा ही नहीं हुआ। जल्द ही वेदांत समझता है कि यह मायाजाल उसे केवल भ्रम नहीं दिखा रहा—उसकी इच्छाएँ वास्तविकता को दोबारा लिख रही हैं, और हर खोई हुई चीज़ के लौटने पर कोई दूसरा इंसान दुनिया की यादों से मिटता जा रहा है।
All Chapters
- अध्याय 1 – जो मर चुकी थी
- अध्याय 2 – तुम्हें राघव याद नहीं?
- अध्याय 3 – मेरी जिंदगी बदल गई है
- अध्याय 4 – कुछ पाने के लिए कुछ मिटता है
- अध्याय 5 – जो कभी था ही नहीं
- अध्याय 6 – ईशा को अपनी मौत याद है
- अध्याय 7 – माया सदन
- अध्याय 8 – एक जिंदगी के बदले दूसरी
- अध्याय 9 – दुनिया फिर बदल गई
- अध्याय 10 – यह भ्रम नहीं है
- अध्याय 11 – मायाजाल में कौन फँसा है?
- अध्याय 12 – जो था, उसे रहने दो
