बरसों पुरानी…
धूल से ढकी…
एक काली डायरी…
पुरानी हवेली के तहखाने से मिली।
उसके पहले पन्ने पर…
सिर्फ़ एक पंक्ति लिखी थी—
“अगर तुम यह पढ़ रहे हो… तो अब तुम्हारी ज़िंदगी पहले जैसी नहीं रहेगी।”
डायरी में…
न तारीख़ें थीं…
न लेखक का नाम…
सिर्फ़ लोगों के नाम…
घटनाएँ…
गुप्त सौदे…
और…
कुछ ऐसे अपराध…
जो कभी पुलिस रिकॉर्ड तक नहीं पहुँचे।
लेकिन…
डायरी का आख़िरी पन्ना…
फाड़ दिया गया था।
उसी रात…
जिसे डायरी मिली…
उसकी रहस्यमयी मौत हो गई।
और…
यहीं से शुरू हुआ…
ब्लैक डायरी का सबसे खतरनाक रहस्य।
