सोनगढ़ गाँव की 24 वर्षीय शिक्षिका वैदेही की शादी 34 वर्षीय प्रभावशाली सरपंच रणविजय प्रताप सिंह से होती है। गाँव की नजरों में वह एक भाग्यशाली दुल्हन है, लेकिन शादी की पहली रात ही उसे पता चलता है कि उसके पति ने यह विवाह प्रेम के लिए नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक प्रतिष्ठा बचाने के लिए किया है। हवेली में बंद एक कमरा, सरपंच की पहली पत्नी के बारे में फैली अफवाहें और पंचायत के पुराने दस्तावेज़ वैदेही को एक ऐसे रहस्य तक पहुँचाते हैं जो पूरे गाँव की सत्ता बदल सकता है। जिस आदमी से वह डरती है, क्या उसी से उसे सच्चा प्यार होगा? या सरपंच की पत्नी बनकर वह अपनी पहचान हमेशा के लिए खो देगी?
All Chapters
- अध्याय 1 – सरपंच की नई दुल्हन
- अध्याय 2 – हवेली का बंद कमरा
- अध्याय 3 – पत्नी या समझौता
- अध्याय 4 – पहली पत्नी का सच
- अध्याय 5 – दिल की पहली दस्तक
- अध्याय 6 – पंचायत का काला हिसाब
- अध्याय 7 – भरोसे की दरार
- अध्याय 8 – लौट आई नंदिनी
- अध्याय 9 – सरपंच का सबसे बड़ा राज
- अध्याय 10 – प्यार या इंसाफ
- अध्याय 11 – सरपंच की पत्नी का फैसला
- अध्याय 12 – सिर्फ सरपंच की पत्नी नहीं
