गुप्त कारोबार

गुप्त कारोबार
Text size
👁 14,232 views

पिता की मृत्यु को…
सिर्फ़ दस दिन हुए थे।
परिवार अभी…
उनके जाने के दुख से…
उबर भी नहीं पाया था।
तभी…
बैंक से फोन आया।
उनके नाम पर…
एक पुराना लॉकर था…
जिसकी जानकारी…
परिवार में किसी को नहीं थी।

लॉकर खुला…
तो उसमें…
न सोना था…
न नकदी।
सिर्फ़…
एक पुरानी कंपनी की मुहर…
कुछ शेयर प्रमाणपत्र…
एक काली डायरी…
और…
एक ऐसे आदमी की तस्वीर थी…
जिसे परिवार में…
किसी ने पहले कभी नहीं देखा था।

लेकिन…
हर दस्तावेज़ पर…
उसी आदमी का नाम लिखा था—
विहान ट्रेडिंग कॉरपोरेशन के मालिक—शिवांश कौशल।
जबकि…
डायरी के आख़िरी पन्ने पर…
पिता की लिखावट में लिखा था—
“कारोबार मेरा था… लेकिन नाम उसका। अगर यह सच बाहर आया, तो हमारे बच्चों की पूरी विरासत छिन जाएगी।”

All Chapters

Leave a Reply

Scroll to Top