शहर की सबसे शांत कॉलोनी…
एक सुबह…
चीखों से गूंज उठी।
व्यापारी राघव अरोड़ा अपने कमरे में मृत मिला।
कमरे का दरवाज़ा अंदर से बंद था।
न कोई हथियार…
न कोई गवाह…
लेकिन…
सामने की दीवार पर…
खून से लिखा था—
“सच अभी ज़िंदा है।”
पुलिस ने इसे एक विचित्र हत्या माना।
लेकिन…
तीन दिन बाद…
दूसरी हत्या हुई।
फिर वही शब्द।
फिर तीसरी…
और हर बार…
हत्यारा कोई सबूत नहीं छोड़ता…
सिवाय उन पाँच शब्दों के।
एसीपी आर्यन सिंह को तब झटका लगा…
जब पुलिस रिकॉर्ड में उसे 27 साल पुरानी एक तस्वीर मिली…
जिसमें…
उसी तरह खून से लिखा था—
“सच अभी ज़िंदा है।”
