उत्तराखंड की पहाड़ियों के बीच बसा काल्पनिक गाँव देवकुंड पर्यटकों के नक्शे पर लगभग नहीं था।
घने देवदार के जंगल…
पुराने पत्थर के घर…
और गाँव से लगभग तीन किलोमीटर दूर स्थित एक प्राकृतिक झील—
कालिनी झील।
स्थानीय लोग उसे दूसरे नाम से जानते थे—
अंधेरे की झील।
दिन में उसका पानी नीला-हरा दिखाई देता था।
लेकिन सूर्यास्त के कुछ समय बाद…
पानी इतना गहरा काला दिखाई देता कि उसमें चाँद की रोशनी तक प्रतिबिंबित नहीं होती।
वैज्ञानिकों ने वर्षों पहले इसे पानी में मौजूद प्राकृतिक खनिज, गहराई और आसपास की चट्टानों के कारण होने वाला optical effect बताया था।
लेकिन गाँव वालों को विज्ञान से कोई फर्क नहीं पड़ता था।
उनके पास अपनी कहानी थी।
कहा जाता था—
लगभग सौ साल पहले झील के किनारे एक महिला की हत्या हुई थी।
मरते समय उसने कहा था—
“जिसे अपनी मौत देखने की इच्छा है… पानी उसका इंतजार करेगा।”
तब से…
रात में झील में देखने वालों को विचित्र दृश्य दिखाई देने की कहानियाँ फैलती रहीं।
कुछ ने खुद को डूबते देखा।
कुछ ने जलते हुए।
कुछ ने खून से लथपथ।
और स्थानीय रिकॉर्ड में अजीब संयोग मौजूद था—
पिछले चालीस वर्षों में कम से कम नौ लोग ऐसे थे जिन्होंने मृत्यु से पहले दावा किया था कि उन्होंने अपनी मौत झील में देखी थी।
सबसे हाल की घटना…
अठारह वर्ष पहले हुई थी।
स्थानीय पत्रकार अमरेश पालीवाल झील से जुड़े पुराने मामलों की जांच कर रहा था।
एक रात वह गायब हो गया।
झील के किनारे उसका कैमरा मिला।
खून मिला।
लेकिन शरीर नहीं।
मामला धीरे-धीरे बंद हो गया।
अब…
अठारह साल बाद…
27 वर्षीय documentary filmmaker नैशा रावत देवकुंड आई है।
उसका उद्देश्य झील के supernatural myths पर documentary बनाना था।
लेकिन पहली ही रात…
वह पानी में अपनी मौत देखती है।
और उसी पानी में…
अमरेश का चेहरा।
इसके बाद गाँव में एक और व्यक्ति झील में देखता है।
उसे अपनी मृत्यु दिखाई देती है।
तीन दिन बाद…
वह ठीक उसी परिस्थिति में मृत मिलता है।
अब…
नैशा के सामने दो possibilities हैं—
या तो…
झील सचमुच मौत दिखाती है।
या…
देवकुंड में कोई ऐसा व्यक्ति है…
जो लोगों को उनकी मौत पहले दिखाता है…
और फिर…
उसे सच बना देता है।
All Chapters
- अध्याय 1 — पानी में मेरी लाश
- अध्याय 2 — सात दिन
- अध्याय 3 — अठारह साल पुराना चेहरा
- अध्याय 4 — मौत जो पहले दिखाई दी
- अध्याय 5 — ग्यारह गायब पन्ने
- अध्याय 6 — काले पानी का विज्ञान
- अध्याय 7 — मौत का चेहरा कौन बनाता है?
- अध्याय 8 — झील के नीचे
- अध्याय 9 — अमरेश की आख़िरी रिकॉर्डिंग
- अध्याय 10 — छठा दिन
- अध्याय 11 — झील भविष्य नहीं दिखाती
- अध्याय 12 — सातवीं रात
