अपनी माँ माया की मृत्यु के बाद 34 वर्षीय conservation architect नील वर्मा पत्नी अदिति के साथ लगभग पच्चीस साल बाद अपनी पुश्तैनी हवेली लौटता है। बचपन से उसे घर का एक अजीब नियम याद है—रात में मुख्य staircase की सीढ़ियाँ कभी मत गिनना। नील इसे अंधविश्वास मानता है क्योंकि staircase में हमेशा 21 steps हैं। लेकिन पहली रात ठीक 2:21 बजे ऊपर जाते समय उसे पीछे से एक बच्ची की आवाज़ सुनाई देती है—“भैया, एक अभी बाकी है।” नील मुड़ता है और staircase के ऊपर एक 22वीं सीढ़ी दिखाई देती है। उस पर गीली मिट्टी से किसी छोटी बच्ची के पैर का निशान है। अगली सुबह वह सीढ़ी गायब है। लेकिन माँ के कमरे से मिले पुराने architectural plan में staircase के पीछे एक ऐसा कमरा दिखाई देता है जिसे वर्तमान घर में होना ही नहीं चाहिए।
All Chapters
- अध्याय 1 – वो आख़िरी सीढ़ी
- अध्याय 2 – एक अभी बाकी है
- अध्याय 3 – इस घर में बाईस सीढ़ियाँ थीं
- अध्याय 4 – काव्या कौन थी?
- अध्याय 5 – दीवार के पीछे एक रास्ता है
- अध्याय 6 – रात 2:21 पर क्या हुआ था?
- अध्याय 7 – मैंने उसका हाथ नहीं छोड़ा था
- अध्याय 8 – आख़िरी सीढ़ी ऊपर नहीं जाती थी
- अध्याय 9 – काव्या उस रात मरी नहीं थी
- अध्याय 10 – माँ उससे पहले ही मिल चुकी थीं
- अध्याय 11 – तुम घर बनाना, मैं रास्ते याद रखूँगी
- अध्याय 12 – एक सीढ़ी फिर बढ़ गई
