मुंबई के अरबपति CEO आर्यमान सिंघानिया और मध्यमवर्गीय काव्या मेहरा के बीच एक साल का विवाह समझौता होता है। दोनों तय करते हैं कि उनके बीच कभी प्रेम नहीं होगा, लेकिन साथ रहते हुए उनकी भावनाएँ बदलने लगती हैं। जब विवाह के पीछे छिपा पुराना पारिवारिक रहस्य सामने आता है, तो दोनों को तय करना पड़ता है कि उनका रिश्ता केवल समझौता था या सच्ची मोहब्बत।
All Chapters
- अध्याय 1 – एक करोड़ का प्रस्ताव
- अध्याय 2 – कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर
- अध्याय 3 – अरबपति की दुल्हन
- अध्याय 4 – एक घर, दो अजनबी
- अध्याय 5 – नकली प्यार की असली धड़कन
- अध्याय 6 – जब CEO को प्यार हुआ
- अध्याय 7 – पुरानी प्रेमिका का सच
- अध्याय 8 – शादी के पीछे छिपा राज
- अध्याय 9 – टूटता हुआ समझौता
- अध्याय 10 – आखिरी तीस दिन
- अध्याय 11 – एक साल की आखिरी रात
- अध्याय 12 – कॉन्ट्रैक्ट खत्म, मोहब्बत शुरू
