आशा: टूटे शीशे में प्रतिबिंबित लालसा (M)
आशा, 36 वर्ष की एक मध्यमवर्गीय गृहिणी, तलाक के छह महीने बाद दिल्ली के एक सामान्य मोहल्ले में अकेली रहती […]
आशा, 36 वर्ष की एक मध्यमवर्गीय गृहिणी, तलाक के छह महीने बाद दिल्ली के एक सामान्य मोहल्ले में अकेली रहती […]
मोहिनी, एक तेईस वर्षीया युवती, अपने ससुराल की चारदीवारी में रहती है। उसका पति, अजय, एक व्यस्त व्यापारी है जो
एक २२ वर्षीय कॉलेज स्टूडेंट, राहुल, जिसकी जिंदगी सिर्फ किताबों, दोस्तों और सपनों तक सीमित थी, अचानक एक पारंपरिक परिवार
अहमदाबाद की रातें हमेशा रहस्यमयी रही हैं। दिन की हलचल के बाद जब शहर सो जाता है, तो पुरानी हवेलियों
इंदौर की एक शांत लेकिन व्यस्त कॉलोनी, विजय नगर में स्थित एक मध्यम वर्गीय सोसाइटी में रहती थी निहारिका शर्मा।
लखनऊ की पुरानी हवेलियों और घुमावदार गलियों में बसी राधिका एक प्रतिभाशाली कलाकार थी। दिन में वह अपनी पेंटिंग्स में
गोवा की सुनहरी रेत और लहरों की मधुर ध्वनि के बीच काव्या एक प्रतिष्ठित इवेंट प्लानर है, जो लग्जरी वेडिंग्स
रात के सन्नाटे में सिर्फ़ एक दीये की लौ जल रही थी।अंजलि ने खिड़की के पास बैठकर चाँद की ओर
यह कहानी एक विवाहित महिला की है, जिसका वैवाहिक जीवन बाहरी रूप से सामान्य दिखता है, लेकिन अंदर से वह
जयपुर के शाही महलों और आधुनिक जीवन की चकाचौंध के बीच, अन्विता की शादी अभिराज से हो रही है। सुहागरात