कुछ कहानियाँ खत्म नहीं होतीं…
बस वक्त उन्हें पूरा करने के लिए सही पल का इंतजार करवाता है।
उत्तराखंड के खूबसूरत शहर मसूरी में रहने वाली सान्वी मेहरा ने कभी सोचा था कि उसकी जिंदगी हमेशा आर्यवर्धन कपूर के साथ गुजरेगी।
दोनों ने साथ सपने देखे थे।
साथ भविष्य बनाया था।
लेकिन एक गलतफहमी, परिवार के दबाव और कुछ अनकहे सच ने दोनों को अलग कर दिया।
आर्यवर्धन बिना अपनी पूरी बात कहे शहर छोड़ गया।
और सान्वी ने यह मान लिया कि उसकी मोहब्बत अधूरी रह गई।
साल गुजर गए।
दोनों ने जिंदगी में आगे बढ़ने की कोशिश की।
लेकिन कुछ रिश्ते यादों से कभी नहीं निकलते।
दस साल बाद किस्मत उन्हें फिर उसी जगह आमने-सामने ला खड़ा करती है जहाँ उनकी कहानी शुरू हुई थी।
अब दोनों पहले जैसे नहीं थे।
समय ने उन्हें बदल दिया था।
लेकिन दिल में दबे सवाल अब भी वही थे—
क्यों छोड़ा था साथ?
कौन सा सच छुपाया गया था?
और क्या एक अधूरी कहानी इतने साल बाद पूरी हो सकती है?
यह कहानी है प्यार, इंतजार और उस रिश्ते की…
जिसे वक्त ने रोका जरूर…
लेकिन मिटा नहीं पाया।
