हिमाचल प्रदेश के देवगढ़ गाँव में स्थित सरस्वती रेजिडेंशियल स्कूल एक समय पूरे राज्य का सबसे प्रतिष्ठित विद्यालय था। लेकिन पच्चीस वर्ष पहले एक ही रात में आठ छात्र रहस्यमय तरीके से गायब हो गए। मामला कभी सुलझ नहीं पाया। स्कूल बंद हो गया और धीरे-धीरे “भूतों का स्कूल” के नाम से मशहूर हो गया।
जब एक यूट्यूबर वहाँ वीडियो बनाने जाता है और अगली सुबह लापता मिल जाता है, तो जांच की जिम्मेदारी एसीपी अथर्व शेखावत को मिलती है। उनके साथ शिक्षा इतिहास विशेषज्ञ ईरा पंत और फॉरेंसिक अधिकारी डॉ. वामिका अरोड़ा इस रहस्य की तह तक पहुँचते हैं। लेकिन जैसे-जैसे वे स्कूल के रिकॉर्ड, पुरानी कॉपियाँ और भूमिगत कमरों की जांच करते हैं, उन्हें एहसास होता है कि यह स्कूल कभी सिर्फ़ पढ़ाई की जगह नहीं था।
