क्या धोखा कभी हिसाब बन सकता है?
अनिका शर्मा — २८ वर्षीय, सुंदर, मेहनती और भावुक महिला। वह अपने पति विवान राठौर के साथ एक खुशहाल शादीशुदा जीवन जी रही थी। लेकिन एक दिन उसकी पूरी दुनिया उजड़ गई जब उसे पता चला कि विवान उसे पिछले तीन साल से धोखा दे रहा है — और वो भी अपनी सबसे करीबी सहेली के साथ।
धोखे की आग में जलती अनिका ने फैसला किया — अब वह चुप नहीं रहेगी। वह बदला लेगी। लेकिन बदला लेते हुए उसे अंजान में मिल गया राहुल सिंह — एक ऐसा आदमी जिसकी आँखों में नफरत नहीं, बल्कि गहरी समझ और सच्चा प्यार था।
अब अनिका दो रास्तों के बीच फँस गई थी — एक तरफ पुराना धोखा और बदले की आग, दूसरी तरफ नया प्यार जो उसे फिर से जीना सिखा रहा था।
“धोखे का हिसाब” — एक Intense, Emotional, Dark-Romance और Revenge-Driven कहानी है जो हर भारतीय महिला के दिल को छू लेगी। इसमें दर्द, विश्वासघात, बदला, हिम्मत और सच्चे प्यार का गहरा मिश्रण है।
All Chapters
- Chapter 1: टूटते सपनों की शुरुआत
- Chapter 2: टूटता विश्वास
- Chapter 3: टूटे सपनों की रात
- Chapter 4: टूटे सपनों की राख से उठती आग
- Chapter 5: अंदर की आग
- Chapter 6: बदले की पहली चिंगारी
- Chapter 7: नई किरण और पुरानी आग
- Chapter 8: टूटती दीवारें और उगती उम्मीद
- Chapter 9: उभरती ताकत और गहराता खतरा
- Chapter 10: गहराती आग और उजली किरण
- Chapter 11: हिसाब पूरा और नई शुरुआत
