आगे बढ़ने से पहले:
इस कहानी में ऐसे विषय और भाषा-शैली हो सकती है जो हर पाठक के लिए सहज न हो।
कृपया अपनी समझ और विवेक से आगे बढ़ें।
क्या प्यार और नफरत साथ-साथ रह सकते हैं?
अनुषा की जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई जब उसे अपने परिवार की मजबूरी में विवाह करना पड़ा — उस व्यक्ति से जिसे वो अपना दुश्मन समझती थी। शादी के बाद ही उसे पता चला कि यह रिश्ता सिर्फ शादी नहीं, बल्कि एक carefully तैयार किया गया बदला है।
अब वो उसी घर में कैद है जहाँ उसका पति उसे तोड़ने की हर कोशिश कर रहा है। दिन बीतते गए और नफरत के इस अंधेरे गहरे समंदर में क्या कहीं प्यार का भी दीपक जल सकता है?
एक Intense Emotional, Dark Romance और Suspense से भरी कहानी जो आपको हर अध्याय के बाद और पढ़ने पर मजबूर कर देगी।
All Chapters
- अध्याय 1: विवाह की राख
- अध्याय 2: सुबह का पहला जख्म
- अध्याय 3: रात की पहली सजा
- अध्याय 4: अतीत की परछाईं
- अध्याय 5: छिपे कान
- अध्याय 6: अंधेरी रात की आग
- अध्याय 7: सुबह की उलझन
- अध्याय 8: नफरत की हद
- अध्याय 9: विश्वास का टूटता पुल
- अध्याय 10: अज्ञात चेतावनी
- अध्याय 11: जागती परछाईं
- अध्याय 12: खतरे की आग
- अध्याय 13: घर का सबसे बड़ा दुश्मन
- अध्याय 14: सास का जहर
- अध्याय 15: टूटता परिवार
- अध्याय 16: अंधेरे का सामना
- अध्याय 17: छिपा हुआ साया
- अध्याय 18: विश्वास का अंतिम धोखा
- अध्याय 19: अंतिम साया
- अध्याय 20: नई शुरुआत
