एक लड़की की मौत के बाद उसके कमरे से एक डायरी मिलती है। परिवार इसे उसकी निजी यादें समझकर संभाल लेता है, लेकिन जब डायरी पढ़ी जाती है, तो उसमें ऐसी बातें लिखी मिलती हैं जो उसकी मौत के बाद हुई थीं। हर पन्ना किसी ऐसे सच की ओर इशारा करता है जिसे परिवार ने कभी जानने की कोशिश नहीं की। डायरी में लिखे शब्द धीरे-धीरे यह साबित करने लगते हैं कि उसकी मौत हादसा नहीं थी। लेकिन सबसे डरावनी बात यह है कि डायरी का आखिरी पन्ना अभी भी हर रात अपने आप लिखा जा रहा है।
क्या यह किसी मृत आत्मा की चेतावनी है? या कोई जीवित इंसान मौत के बाद भी सच को नियंत्रित कर रहा है?
