एक नई बहू जब पुराने खानदान की चौखट पार करती है, तो उसे लगता है कि वह एक नए परिवार का हिस्सा बनने जा रही है।
लेकिन इस घर की मुस्कुराहटों के पीछे कई साल पुरानी साजिशें दबी हैं।
तनिष्का, एक समझदार, आत्मसम्मानी और संवेदनशील लड़की, शादी के बाद एक बड़े संयुक्त परिवार में आती है। बाहर से परिवार प्रतिष्ठित और संस्कारी दिखता है, लेकिन घर के अंदर रिश्तों में दूरी, अधूरी बातें और अजीब नियम हैं।
धीरे-धीरे तनिष्का को एहसास होता है कि इस घर की पिछली बहू अचानक क्यों चली गई थी, सास कुछ बातों पर चुप क्यों हो जाती है, और पति की आँखों में हमेशा एक अनकहा डर क्यों रहता है।
हर कमरा एक कहानी छिपाए है।
हर रिश्ता एक राज़ दबाए है।
और नई बहू को समझना है कि वह इस घर में आई है…
या किसी पुरानी साजिश का नया हिस्सा बना दी गई है।
