कुछ रास्ते…
सिर्फ़ मंज़िल तक नहीं ले जाते…
वे इंसान की किस्मत भी बदल देते हैं।
राजस्थान के काल्पनिक सीमावर्ती कस्बे सूर्यगढ़ तक हर सप्ताह ज़रूरी सामान पहुँचाने वाला ट्रक ड्राइवर अर्जुन चौहान अपनी ज़िंदगी सड़कों पर ही जीता था।
उसके लिए हर सफर…
एक नई चुनौती था।
एक दिन सीमा चौकी पर उसकी मुलाकात होती है सना मिर्ज़ा से।
वह अपने बड़े भाई कैप्टन रेहान मिर्ज़ा से मिलने आई थी, जो सीमा पर तैनात था।
पहली मुलाकात कुछ ही मिनटों की थी…
लेकिन दोनों की यादें एक-दूसरे के दिल में रह गईं।
धीरे-धीरे…
हर सफर के साथ मुलाकातें बढ़ने लगीं।
लेकिन उसी समय सीमा क्षेत्र में तनाव बढ़ गया।
सुरक्षा कड़ी कर दी गई।
सामान ले जाने वाले ट्रकों की जांच और जोखिम दोनों बढ़ गए।
इसी बीच अर्जुन को एक ऐसी जानकारी मिलती है…
जो केवल एक परिवार ही नहीं…
कई लोगों की जान बचा सकती थी।
अब उसके सामने दो रास्ते थे—
अपनी जान बचाकर लौट जाना…
या इंसानियत और साहस के लिए सब कुछ दाँव पर लगा देना।
All Chapters
- अध्याय 1: धूल भरी सड़क और पहली नज़र
- अध्याय 2: अनजाने सफर की शुरुआत
- अध्याय 3: मुलाकातों का सिलसिला
- अध्याय 4: दिल की दूरी और करीबियाँ
- अध्याय 5: बढ़ता तनाव और छिपी चिंताएँ
- अध्याय 6: विश्वास का पुल
- अध्याय 7: खतरनाक जानकारी और मुश्किल फैसला
- अध्याय 8: साहस की परीक्षा
- अध्याय 9: बलिदान और प्रेम की आग
- अध्याय 10: सीमा पर प्यार और उम्मीद की किरण
