गुरुग्राम स्थित एथरॉन ग्लोबल टेक्नोलॉजीज़ कभी देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में गिनी जाती थी।
पाँच वर्ष पहले…
कंपनी के संस्थापक और सीईओ अर्जुन सहगल की एक संदिग्ध कार दुर्घटना में मृत्यु हो गई।
उसी रात…
पूरी कंपनी अचानक बंद हो गई।
ऑफिस सील कर दिया गया।
लेकिन…
कुछ महीनों बाद…
रात में कंप्यूटर अपने आप चालू होने लगे।
हर स्क्रीन पर…
एक ही संदेश दिखाई देता—
“मैं लौट आया हूँ।”
साइबर क्राइम अधिकारी एसीपी आदित्य राणा को जांच सौंपी जाती है।
जैसे-जैसे वह पुराने सर्वर, कर्मचारियों और सीसीटीवी रिकॉर्ड खंगालता है…
उसे एहसास होता है…
कि अर्जुन सहगल की मौत…
दुर्घटना नहीं थी।
और…
उसका हत्यारा…
आज भी उसी कंपनी के नाम पर करोड़ों का खेल खेल रहा है।
