जयपुर का राष्ट्रीय विरासत संग्रहालय अपनी दुर्लभ मूर्तियों के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध था।
लेकिन…
पिछले तीन महीनों में…
चार सुरक्षा गार्ड रहस्यमयी परिस्थितियों में मारे जा चुके थे।
हर घटना के बाद…
म्यूज़ियम की मूर्तियों की स्थिति बदल जाती।
सीसीटीवी रिकॉर्डिंग…
ठीक रात 2:22 बजे बंद हो जाती।
और…
सिस्टम दोबारा तभी चालू होता…
जब सब कुछ बदल चुका होता।
मामले की जांच…
एसीपी आरव चौहान को सौंपी जाती है।
जांच शुरू होते ही…
उन्हें एहसास होता है…
कि मूर्तियाँ नहीं…
बल्कि कोई इंसान…
पूरे म्यूज़ियम को…
एक विशाल पहेली की तरह इस्तेमाल कर रहा है।
All Chapters
- अध्याय 1 – पहली मौत
- अध्याय 2 – बदली हुई मूर्तियाँ
- अध्याय 3 – बंद कैमरे
- अध्याय 4 – गुप्त नक्शा
- अध्याय 5 – तहखाने का दरवाज़ा
- अध्याय 6 – तीस साल पुराना रहस्य
- अध्याय 7 – झूठी विरासत
- अध्याय 8 – अदृश्य रास्ता
- अध्याय 9 – आख़िरी गार्ड
- अध्याय 10 – मूर्तियों का सच
- अध्याय 11 – छिपा हुआ इतिहास
- अध्याय 12 – अनजाना म्यूज़ियम
