यह कहानी है एक ऐसी भारतीय महिला की, जिसका नाम है अंजलि – खूबसूरत, संवेदनशील, अपनी इच्छाओं को दबाकर रखने वाली, लेकिन अंदर से जलती हुई। उसकी शादी अर्जुन से हुई है, जो प्यार तो करता है, मगर बिस्तर पर वो आग नहीं जला पाता जो अंजलि के शरीर में सुलग रही है। घर में अर्जुन का छोटा भाई विकास है – जवान, मजबूत, उसकी नजरें अंजलि की हर हरकत पर टिकी रहती हैं। वो चुपके-चुपके देखता है, उसकी सांसें तेज हो जाती हैं, और अंजलि को भी अब वो नजरें महसूस होने लगी हैं… वो गर्माहट, वो कंपकंपी, वो मन में उठने वाली वो बेकाबू लहरें।
अंजलि की दुनिया में अब एक नया एहसास जाग रहा है – वो चाहत जो समाज कहता है गलत, मगर उसके शरीर को सच लगने लगी है। क्या वो अपनी पत्नी वाली सीमाओं में रहेगी, या वो मधुर आग को खुद बुझाएगी… या शायद और तेज कर देगी? यह कहानी सिर्फ प्यार की नहीं, बल्कि एक औरत की उन गुप्त इच्छाओं की है जो उसे रातों में बेचैन कर देती हैं, जिसके बारे में वो किसी से कह नहीं पाती… मगर पढ़ते-पढ़ते आप भी महसूस करेंगी वो गर्मी, वो सिहरन, वो लालसा जो अंदर से आपको हिला देगी।
हर अध्याय में अंजलि की भावनाएं, उसके शरीर की हरकतें, उसकी सांसों की गति… सब कुछ इतना जीवंत होगा कि आप खुद को उसकी जगह महसूस करेंगी। तैयार हैं उस मिठास और आग के सफर के लिए?
