शिमला की पहाड़ियों में स्थित ब्लैकवुड हवेली… जहाँ कभी देश के प्रसिद्ध पियानो वादक आर्यवीर मल्होत्रा रहते थे।
तीस वर्ष पहले उनकी आठ वर्षीय बेटी रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हो गई। उसी रात पियानो आख़िरी बार बजा था। उसके बाद संगीत कक्ष हमेशा के लिए बंद कर दिया गया।
लेकिन मुखिया की मृत्यु के बाद पियानो फिर से हर रात अपने आप बजने लगा। और हर धुन परिवार के एक सदस्य की भूली हुई बचपन की याद जगा देती।
जब सबसे छोटे बेटे युवान को याद आता है कि उस रात वह भी संगीत कक्ष में था, तो जांच की जिम्मेदारी एसीपी अथर्व चौहान को सौंपी जाती है। उनके साथ ऑडियो फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. ईरा सक्सेना और क्रिमिनल साइकोलॉजिस्ट डॉ. अन्वी त्रिपाठी उस धुन के पीछे छिपे सबसे बड़े सच तक पहुँचते हैं।
