मुंबई के बिज़नेस डिस्ट्रिक्ट में खड़ी Skyline Tower कभी देश की सबसे आलीशान इमारत मानी जाती थी।
लेकिन बारह वर्ष पहले Top Floor पर आग लगने से पूरी एक मीटिंग रहस्यमय परिस्थितियों में खत्म हो गई। उसके बाद 52वाँ फ्लोर हमेशा के लिए बंद कर दिया गया।
फिर भी हर रात लिफ्ट बिना किसी आदेश के वहीं पहुँच जाती।
युवा वास्तु अभियंता आर्यमान मेहरा इमारत के नवीनीकरण के लिए वहाँ आता है। पहली ही रात उसके मोबाइल पर एक अनजान संदेश आता है—
“अगर लिफ्ट खुद खुले…
अंदर मत जाना…”
लेकिन उसी समय उसके सामने लिफ्ट का दरवाज़ा धीरे-धीरे अपने आप खुल जाता है।
All Chapters
- अध्याय 1 – अपने आप खुला दरवाज़ा
- अध्याय 2 – Top Floor
- अध्याय 3 – खाली गलियारा
- अध्याय 4 – बिना चेहरे का लिफ्टमैन
- अध्याय 5 – बंद मंज़िल
- अध्याय 6 – दीवारों की फुसफुसाहट
- अध्याय 7 – आग की रात
- अध्याय 8 – अधूरी मीटिंग
- अध्याय 9 – आत्माओं का फ्लोर
- अध्याय 10 – लिफ्ट का श्राप
- अध्याय 11 – आख़िरी सफर
- अध्याय 12 – खामोश लिफ्ट
