मध्यप्रदेश के ओरछा के पास स्थित वीरगढ़ हवेली… जहाँ चार पीढ़ियों से एक विशाल पारिवारिक चित्र-दीर्घा सजाई गई थी। हर सदस्य की एक तस्वीर दीवार पर लगी थी। लेकिन पिछले दो महीनों से तस्वीरें एक-एक करके गायब होने लगीं। और हर बार उसी व्यक्ति का कोई सुराग नहीं मिलता। जब परिवार की सबसे बुज़ुर्ग महिला की तस्वीर भी दीवार से मिट जाती है, तो पूरा परिवार दहशत में आ जाता है। मामले की जांच एसीपी अथर्व चौहान को सौंपी जाती है। उनके साथ फॉरेंसिक इमेज विशेषज्ञ डॉ. ईरा सक्सेना और कला इतिहास शोधकर्ता अन्वी त्रिपाठी उस रहस्य तक पहुँचने निकलते हैं… जहाँ हर तस्वीर सिर्फ़ एक चेहरा नहीं, बल्कि एक अपराध का सबूत थी।
