ईरा वर्षों बाद अपने ancestral house लौटती है, जहाँ बचपन से एक ही अजीब नियम था—“माधवी” नाम कभी नहीं लेना। परिवार इस नाम का कारण बताने से हमेशा बचता रहा, लेकिन पहली रात ईरा बंद पड़े कमरे से एक महिला की आवाज़ सुनती है, जो खुद को माधवी बताती है। इसके बाद पुरानी photographs बदलने लगती हैं, family records से नाम गायब होने लगते हैं और बुजुर्ग रिश्तेदार एक-एक करके पुराने सच याद करने लगते हैं। ईरा को समझ आता है कि माधवी सिर्फ किसी मृत औरत का नाम नहीं, बल्कि परिवार की उस घटना की चाबी है जिसे चालीस साल पहले जानबूझकर इतिहास से मिटा दिया गया था।
All Chapters
- अध्याय 1 – वह नाम मत लेना
- अध्याय 2 – तस्वीर में चौथी लड़की
- अध्याय 3 – बंद कमरा
- अध्याय 4 – माँ झूठ क्यों बोल रही है?
- अध्याय 5 – दो लड़कियाँ
- अध्याय 6 – जो नाम कागज़ों से मिटाया गया
- अध्याय 7 – उस रात कौन रो रहा था?
- अध्याय 8 – घर किसी को याद रखता है
- अध्याय 9 – सरोज का फैसला
- अध्याय 10 – असली बेटी कौन थी?
- अध्याय 11 – माधवी के साथ क्या हुआ?
- अध्याय 12 – नाम वापस लेना
