कालापहाड़ नाम के एक दूरस्थ गाँव में हर रात ठीक एक व्यक्ति बिना कोई निशान छोड़े गायब हो जाता है। कुछ ही दिनों में गाँव वाले उन लापता लोगों को याद करना भी बंद कर देते हैं, मानो वे कभी अस्तित्व में थे ही नहीं। केवल 29 वर्षीय अर्जुन चौहान सबको याद रख पाता है। जब उसे 38 वर्ष पुरानी एक diary में उन्हीं disappearances की सूची मिलती है और आखिरी नाम उसका अपना होता है, तो वह गाँव, पुराने मंदिर और हर रात होने वाली घंटी के पीछे छिपे ऐसे रहस्य तक पहुँचता है जो मौत से भी ज्यादा भयावह है—पूरी तरह भुला दिया जाना।
All Chapters
- अध्याय 1 – पहली रात
- अध्याय 2 – जिसे कोई याद नहीं
- अध्याय 3 – हर रात एक नाम
- अध्याय 4 – दादा की डायरी
- अध्याय 5 – घर जिसमें कोई नहीं रहता था
- अध्याय 6 – घंटी कौन बजाता है?
- अध्याय 7 – मेरा भाई कहाँ है?
- अध्याय 8 – जो वापस आया
- अध्याय 9 – गाँव का असली नक्शा
- अध्याय 10 – अगला नाम अर्जुन
- अध्याय 11 – कालापहाड़ की कीमत
- अध्याय 12 – जिस रात गाँव खाली था
