एक late-night radio show के दौरान RJ कबीर को हर रात headphones में एक रहस्यमयी अजनबी की आवाज़ सुनाई देने लगती है। Station की recordings में उस आवाज़ का कोई स्पष्ट अस्तित्व नहीं, लेकिन हर गुजरती रात के साथ वह और साफ होती जाती है—और कबीर की अपनी आवाज़ दुनिया से मिटने लगती है। जब वह उस आवाज़ का संबंध वर्षों पुराने एक radio broadcast और रहस्यमयी disappearance से जोड़ता है, तो उसके सामने एक भयावह सवाल खड़ा होता है—क्या कोई मृत आवाज़ वापस लौटना चाहती है, या उसकी अपनी पहचान उसकी आवाज़ के साथ उससे छीनी जा रही है?
All Chapters
- अध्याय 1 – आधी रात की आवाज़
- अध्याय 2 – रिकॉर्डिंग में खामोशी
- अध्याय 3 – चौबीस साल पुरानी रात
- अध्याय 4 – आवाज़ किसकी है?
- अध्याय 5 – जो शब्द गायब हो गए
- अध्याय 6 – स्टूडियो नंबर तीन
- अध्याय 7 – मेरी ही आवाज़
- अध्याय 8 – समर का आखिरी प्रसारण
- अध्याय 9 – आवाज़ें मरती नहीं
- अध्याय 10 – कबीर मल्होत्रा की आखिरी आवाज़
- अध्याय 11 – जो बोलना चाहता है
- अध्याय 12 – माइक चालू था
