अपने सबसे अच्छे दोस्त राहुल की मौत के सात दिन बाद कबीर को उसी के बंद हो चुके नंबर से रात 2:17 बजे call आता है। दूसरी तरफ राहुल की आवाज़ है, जो पहले सिर्फ इतना कहती है—“फोन मत काटना… मैं अकेला नहीं हूँ।” शुरुआत में कबीर इसे prank मानता है, लेकिन calls में ऐसी निजी बातें सामने आती हैं जिन्हें केवल राहुल जानता था। फिर हर call के बाद कबीर की जिंदगी से कोई व्यक्ति गायब होने लगता है। अब उसे पता लगाना है कि उसका दोस्त सच में मौत के बाद उससे संपर्क कर रहा है, या कोई ऐसी सत्ता राहुल की आवाज़ इस्तेमाल कर रही है जो phone line के जरिए जीवित दुनिया में रास्ता बना रही है।
All Chapters
- अध्याय 1 – मृत नंबर से पहली कॉल
- दिन ने रात को गलत साबित नहीं किया। दिन ने सिर्फ उस पर कपड़ा डाल दिया।
- अध्याय 2 – तीसरी घंटी से पहले
- अध्याय 3 – उसने ये कैसे जाना?
- अध्याय 4 – कॉल लॉग में कुछ नहीं
- अध्याय 5 – राहुल को भी फोन आते थे
- अध्याय 6 – अगली आवाज़
- अध्याय 7 – 2:17
- अध्याय 8 – जो लोग कॉल उठाकर गए
- अध्याय 9 – दूसरी तरफ कौन है?
- अध्याय 10 – आवाज़ तुम्हारी याद पहनती है
- अध्याय 11 – राहुल की आखिरी कॉल
- अध्याय 12 – फोन मत उठाना
