अपनी माँ की मृत्यु के बाद 30 वर्षीय music producer और sound-restoration specialist आर्यन मल्होत्रा अपने पुश्तैनी घर लौटता है। वहाँ उसे माँ के कमरे में एक पुरानी reel-to-reel tape मिलती है, जिस पर सिर्फ दो शब्द लिखे हैं—“बंदिश अधूरी।” Tape में एक महिला राग गा रही है, लेकिन हर बार अंतिम सुर आने से ठीक पहले recording कट जाती है। पहली रात आर्यन उस missing note को digitally reconstruct करता है। उसी क्षण ऊपर का वह संगीत-कक्ष अपने आप खुल जाता है जो अट्ठाईस वर्षों से बंद था। कमरे के अंदर एक पुराना तानपुरा अपने आप बज रहा है और अंधेरे से एक महिला की आवाज़ आती है—“तुम्हारी माँ ने कहा था यह बंदिश कभी पूरी मत होने देना।”
All Chapters
- अध्याय 1 – अधूरी बंदिश
- अध्याय 2 – आखिरी सुर
- अध्याय 3 – ऊपर कोई रियाज़ कर रहा है
- अध्याय 4 – रागिनी कौन थी?
- अध्याय 5 – माँ ने गाना क्यों छोड़ दिया?
- अध्याय 6 – इस बंदिश में दूसरी आवाज़ है
- अध्याय 7 – रात 1:17
- अध्याय 8 – उस रात महफिल में क्या हुआ था?
- अध्याय 9 – अब उसकी यादें मेरी हैं
- अध्याय 10 – रागिनी उस कमरे में मरी नहीं थी
- अध्याय 11 – बंदिश किसने लगाई थी?
- अध्याय 12 – बंदिश
