लखनऊ की ऐतिहासिक सरस्वती केंद्रीय लाइब्रेरी अचानक फिर चर्चा में आ गई…
जब एक विश्वविद्यालय का छात्र…
वहाँ से डरा हुआ बाहर निकला।
उसने दावा किया…
कि किताब अपने आप खुली…
और उसमें लिखा था—
“तुम्हें मौत बुला रही है।”
तीन दिन बाद…
उसकी संदिग्ध मृत्यु हो गई।
क्राइम ब्रांच अधिकारी एसीपी ईशान त्रिपाठी को मामला सौंपा गया।
जब उन्होंने लाइब्रेरी की जांच शुरू की…
तो पता चला…
कि पिछले बीस वर्षों में…
ऐसे सात लोग…
ठीक इसी तरह मर चुके थे।
क्या…
किताबें सचमुच भविष्य बता रही थीं?
या…
कोई उन किताबों का इस्तेमाल…
हत्या की योजना बनाने के लिए कर रहा था?
