कर्म का आईना
कभी-कभी इंसान को बदला लेने की जरूरत नहीं पड़ती।वक़्त खुद गवाह बनता है।और कर्म अपने तरीके से जवाब देता है। […]
कभी-कभी इंसान को बदला लेने की जरूरत नहीं पड़ती।वक़्त खुद गवाह बनता है।और कर्म अपने तरीके से जवाब देता है। […]
राजस्थान की धरती पर बसा एक ऐसा गाँव जिसकी कहानी सुनकर आज की आधुनिक दुनिया भी हैरान रह जाती है।
दो शादियाँ टूट चुकी थीं।समाज ने फैसला सुना दिया था कि गलती उसी में होगी। रिश्तेदारों ने उसे मनहूस कहा।लोगों
एक नई बहू जब पुराने खानदान की चौखट पार करती है, तो उसे लगता है कि वह एक नए परिवार
एक सुनसान हाईवे पर हुई एक अनजान मुलाकात दो जिंदगियों की दिशा बदल देती है। बारिश की रात, खराब कार,
कभी-कभी एक अनजान notification पूरी जिंदगी बदल देती है।एक साधारण सी Instagram follow request…एक छोटा सा message…और दो अजनबियों की
एक दुल्हन अपने विवाह मंडप में बैठी है।संगीत बज रहा है।मेहमान मुस्कुरा रहे हैं।परिवार खुश दिख रहा है।पर दूल्हे की
कुछ रिश्ते दिल से बनते हैं…कुछ रिश्ते मजबूरी से।लेकिन क्या मजबूरी में बना रिश्ता कभी सच्चा बन सकता है? अविका,
रात के ठीक 12:07 बजे एक लड़की अपने भाई को आखिरी कॉल करती है।कॉल पर उसकी आवाज़ काँप रही होती
हर परिवार अपनी आने वाली पीढ़ियों को कुछ न कुछ विरासत में देता है। किसी को जमीन मिलती है।किसी को