बहू की जिद
नई-नवेली बहू वैदिशा एक ऐसे संयुक्त परिवार में आती है जहाँ वर्षों से एक ही नियम चलता आया है—”बहुएँ सिर्फ़ […]
नई-नवेली बहू वैदिशा एक ऐसे संयुक्त परिवार में आती है जहाँ वर्षों से एक ही नियम चलता आया है—”बहुएँ सिर्फ़ […]
ज़िंदगी हर किसी को दूसरा मौका नहीं देती, लेकिन जब देती है, तो उसे स्वीकार करने का साहस हर किसी
भारत के एक दूरदराज़ पहाड़ी इलाके में स्थित एक रहस्यमयी गाँव “मातृग्राम” पूरे देश से अलग है। यहाँ सदियों से
एक छोटे शहर के स्कूल में गणित पढ़ाने वाली शिक्षिका काव्या मेहरा बच्चों की जिंदगी में रोशनी बिखेरती हैं, लेकिन
एक छोटे से कस्बे में मेले के दौरान एक बहुरूपिया आता है, जो हर दिन नया चेहरा, नई आवाज़ और
वर्षों पहले हुई एक नृशंस घटना ने एक साधारण परिवार की ज़िंदगी हमेशा के लिए बदल दी। अपराधी कानून की
आराधना सिंह का जीवन विश्वास की एक सुंदर लेकिन नाजुक मीनार पर टिका हुआ था। पच्चीस वर्ष की उम्र में
आकांक्षा राय, उम्र 32 वर्ष, एक शिक्षित और संवेदनशील महिला है, जो दिल्ली के एक मध्यमवर्गीय परिवार से आती है।
यह कहानी सरिता नामक एक मध्यवर्गीय महिला की है, जो अपने पति की बीमारी, बच्चों की पढ़ाई और घरेलू जिम्मेदारियों
“सपनों का विवाह” एक बेहद भावनात्मक, सिनेमाई और दिल को छू लेने वाली कहानी है जो दो परिपक्व व्यक्तियों —