Horror

रात का तीसरा पहर

रात का तीसरा पहर

अपनी दादी जानकी की मृत्यु के बाद 35 वर्षीय sound-documentary filmmaker अर्णव त्रिपाठी लगभग पच्चीस साल बाद पत्नी सिया के

वो बंद संदूक

वो बंद संदूक

अपनी दादी सरोज की मृत्यु के बाद 35 वर्षीय restoration photographer आरव मेहरा पत्नी नंदिनी के साथ लगभग अट्ठाईस साल

वो आख़िरी निशान

वो आख़िरी निशान

अपनी माँ की मृत्यु के बाद 35 वर्षीय forensic photographer कबीर सक्सेना छब्बीस साल बाद अपने पुश्तैनी घर लौटता है।

नाम के पीछे कौन

नाम के पीछे कौन

अपनी दादी की मृत्यु के बाद 32 वर्षीय साउंड डिज़ाइनर आदित्य रावत उत्तर भारत के पुश्तैनी गाँव देवगढ़ लौटता है।

रात की परछाइयाँ

रात की परछाइयाँ

अपनी माँ की मृत्यु के बाद 33 वर्षीय documentary photographer समर अवस्थी पच्चीस साल बाद अपनी पुश्तैनी हवेली लौटता है।

वो सुनसान रास्ता

वो सुनसान रास्ता

अपनी माँ की मृत्यु के बाद 34 वर्षीय documentary filmmaker अर्जुन राठौर पत्नी मीरा के साथ भोपाल से पुश्तैनी कस्बे

परदे के पीछे

परदे के पीछे

अपनी माँ की मृत्यु के बाद 34 वर्षीय crime photographer विहान मल्होत्रा पत्नी रिया के साथ पच्चीस साल बाद अपने

अंतिम संदेश

अंतिम संदेश

31 वर्षीय cybersecurity analyst आरव मल्होत्रा अपनी बड़ी बहन काव्या की अचानक हुई कार दुर्घटना में मृत्यु के तीन महीने

लौटती रात

लौटती रात

माँ की मृत्यु के बाद तैंतीस वर्षीय डॉक्यूमेंट्री एडिटर नील अवस्थी भोपाल के बाहर अपने पुश्तैनी घर लौटता है—उसी घर

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