अधूरी आज़ादी की छाया
एक छोटे शहर के स्कूल में गणित पढ़ाने वाली शिक्षिका काव्या मेहरा बच्चों की जिंदगी में रोशनी बिखेरती हैं, लेकिन […]
एक छोटे शहर के स्कूल में गणित पढ़ाने वाली शिक्षिका काव्या मेहरा बच्चों की जिंदगी में रोशनी बिखेरती हैं, लेकिन […]
आराधना सिंह का जीवन विश्वास की एक सुंदर लेकिन नाजुक मीनार पर टिका हुआ था। पच्चीस वर्ष की उम्र में
आकांक्षा राय, उम्र 32 वर्ष, एक शिक्षित और संवेदनशील महिला है, जो दिल्ली के एक मध्यमवर्गीय परिवार से आती है।
यह कहानी सरिता नामक एक मध्यवर्गीय महिला की है, जो अपने पति की बीमारी, बच्चों की पढ़ाई और घरेलू जिम्मेदारियों
बाहर से अभिज्ञा का परिवार एक आदर्श भारतीय घर जैसा लगता है — सम्मानित पति, देखभाल करने वाली सास, दो
“दूसरी मोहब्बत” एक भावुक और प्रेरणादायक हिंदी उपन्यास है जो परिपक्व उम्र में प्रेम, आत्मसम्मान और जीवन की दूसरी शुरुआत
सुषमा वर्मा, ३९ वर्षीय एक शिक्षिका, बाहर से एक सुखी और व्यवस्थित जीवन जीती दिखती है। सुबह स्कूल जाना, शाम
1947 का बंटवारा। लाहौर से दिल्ली की ओर भागते शरणार्थियों की भीड़। भीषण हिंसा, खून और आग के बीच एक
उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गाँव, देवगढ़ में, जहाँ गंगा की सहायक नदी की मिट्टी अभी भी वर्षों पुरानी
सरिता, ४२ वर्षीय एक साधारण भारतीय महिला, पिछले बीस वर्षों से परिवार की हर खुशी, हर ज़रूरत और हर उम्मीद