आरती, एक तलाकशुदा मां, हिमाचल प्रदेश के छोटे से पहाड़ी शहर कसौली में अकेले अपने बेटे आरव के साथ जीवन व्यतीत कर रही थी। तलाक की कड़वी यादें और समाज की नजरों ने उसके दिल को इतना बंद कर दिया था कि वह किसी नए रिश्ते की कल्पना भी नहीं कर पाती थी। एक ठंडी, मूसलाधार बारिश वाली शाम, जब वह पुराने बस स्टैंड पर भीगते हुए खड़ी थी, तभी एक अनजान व्यक्ति—विक्रम—उसके पास आया। उसने बिना किसी परिचय के अपना छाता उसके सिर पर तान दिया और कहा, “बारिश में अकेले भीगना ठीक नहीं है।”
उसकी आँखों में कुछ ऐसा था जो आरती को एक साथ आकर्षित और असहज कर गया—एक गहरा रहस्य, एक छिपी हुई पीड़ा, या शायद कोई खतरा? विक्रम ने अपना नाम तो बताया, लेकिन उसकी कहानी अधूरी लगी। क्या वह सचमुच केवल एक संयोगी यात्री था, या उसके पीछे कोई गहरा उद्देश्य छिपा था? यह मुलाकात आरती के जीवन में नई उम्मीद की किरण लाने वाली थी, या फिर एक नया तूफान?
