भोपाल…
बारिश की एक शाम…
प्लेटफ़ॉर्म नंबर 3…
एक भूरे रंग की…
पुरानी चमड़े की डायरी…
जिसका कोई मालिक नहीं था।
डायरी…
एक अनजान लड़की…
अन्वी राजपूत की थी।
हर पन्ने पर…
उसकी ज़िंदगी…
उसके डर…
उसके सपने…
और…
एक ऐसे व्यक्ति का ज़िक्र था…
जिसका नाम था…
आर्यमान सक्सेना।
यही नाम…
उस युवक का भी था…
जिसे…
वह डायरी मिली थी।
लेकिन…
आर्यमान…
अन्वी को…
कभी जानता ही नहीं था।
तो फिर…
उसकी डायरी में…
उसका नाम…
सालों पहले…
कैसे लिखा गया?
