एक संदिग्ध मौत की forensic photography करते समय कबीर ऐसी काली दीवार की तस्वीर लेता है जो camera में एक अंधेरे दरवाज़े की तरह दिखाई देती है। उस दरवाज़े के भीतर खड़ी एक अनजान लड़की हर अगली photograph में camera के और करीब आती जाती है। जल्द ही कबीर के अपने घर की दीवार पर भी वैसा ही काला निशान उभरने लगता है और पुरानी family photographs से एक लड़की का चेहरा गायब मिलने लगता है। Investigation उसे उस childhood tragedy तक ले जाती है जिसे उसका परिवार वर्षों पहले छिपा चुका था—और उस “सियाह” तक, जो लोगों को मारता नहीं बल्कि धीरे-धीरे दुनिया की नज़र से मिटा देता है।
All Chapters
- अध्याय 1 – काली दीवार
- अध्याय 2 – तस्वीर में वह कौन है?
- अध्याय 3 – इस बार मुझे तस्वीर से मत काटना
- अध्याय 4 – ज़ोया कौन थी?
- अध्याय 5 – तस्वीरों से लोग गायब हो रहे हैं
- अध्याय 6 – रज़ा क्या देख रहा था?
- अध्याय 7 – जब कोई तुम्हें याद न रखे
- अध्याय 8 – रात 2:17
- अध्याय 9 – अब तस्वीर में मैं काला हूँ
- अध्याय 10 – हमने उसे खुद मिटाया था
- अध्याय 11 – सियाह क्या है?
- अध्याय 12 – सियाह
