शादी को…
सिर्फ़ सात महीने हुए थे।
दक्ष को लगता था…
उसकी ज़िंदगी अब पूरी हो चुकी है।
आहाना…
उसकी मुस्कान की वजह थी।
लेकिन…
एक शाम…
घर के बाहर…
एक अनजान महिला आई।
उसने…
दक्ष को…
एक पुराना लिफ़ाफ़ा दिया।
उसके अंदर…
कुछ तस्वीरें थीं।
हर तस्वीर में…
आहाना थी।
लेकिन…
हर तस्वीर में…
उसका नाम अलग था।
और…
आख़िरी तस्वीर के पीछे…
सिर्फ़ एक लाइन लिखी थी—
“जिस औरत के साथ तुम रह रहे हो… वह अपने अतीत से भाग रही है।”
