रात के…
ठीक बारह बजे…
पुराने रेलवे पुल पर…
एक लड़की दिखाई देती थी।
सफेद कपड़े…
हाथ में पुरानी लालटेन…
और…
चेहरे पर…
एक अजीब-सी मुस्कान।
वह…
हर रात…
उसी रास्ते पर चलती थी।
लेकिन…
जैसे ही…
सुबह की पहली किरण पड़ती…
वह…
गायब हो जाती।
शहर के लोग…
उसे भूत कहते थे।
कुछ…
उसे बददुआ मानते थे।
लेकिन…
आर्यव को…
उसकी आँखों में…
डर दिखाई देता था।
जैसे…
वह किसी से…
मदद माँग रही हो।
एक रात…
आर्यव ने…
उसका पीछा करने का फैसला किया।
और…
उसी रात…
वह एक ऐसे रहस्य में फँस गया…
जिसने…
पिछले पच्चीस सालों से…
पूरे शहर को…
झूठ में जीने पर मजबूर कर रखा था।
