क्या ससुराल में प्यार पाना इतना मुश्किल है?
शिवानी अपनी शादी के बाद एक ऐसे घर में आई जहाँ प्यार की जगह साजिशें, रिश्तों की उलझनें और परिवार की आग हर तरफ फैली हुई थी। सास की सल्तनत, देवरानी-जेठानी की ईर्ष्या और पति की चुप्पी ने उसे हर रोज जलाया।
एक तरफ परिवार की इज्जत, दूसरी तरफ अपनी खुशी की लड़ाई। शिवानी अब फैसला करना चाहती है — या तो वो इस आग में जलकर राख हो जाएगी, या खुद इस आग को बुझाकर अपना घर बनाएगी।
एक Intense Emotional Family Drama जो हर भारतीय बहू की कहानी को छू जाएगी।
