क्या मजबूरी कभी प्यार में बदल सकती है?
आदिती को अपने परिवार की आर्थिक मजबूरी के कारण एक ऐसे व्यक्ति से शादी करनी पड़ी, जिसे वो कभी अपना भविष्य नहीं मानती थी। शादी के बाद ही उसे पता चला कि यह रिश्ता उसके लिए सिर्फ मजबूरी है, लेकिन उसके पति अर्जुन के लिए यह गहरी मोहब्बत है।
एक तरफ आदिती का संघर्ष और दूसरी तरफ अर्जुन की बेपनाह मोहब्बत। क्या मजबूरी के इस रिश्ते में कभी सच्चा प्यार पनप सकता है, या यह सिर्फ एक तरफा इश्क़ की दर्द भरी कहानी बनकर रह जाएगी?
एक Emotional, Intense और Heart-touching Romance जो आपको हर अध्याय के साथ गहरे भावनाओं में ले जाएगी।
All Chapters
- अध्याय 1: मजबूरी की शादी
- अध्याय 2: पहली सुबह की सजा
- अध्याय 3: अजनबी घर, अजनबी रिश्ता
- अध्याय 4: एक महीने का वादा
- अध्याय 5: एक महीने की शुरुआत
- अध्याय 6: माँ की गोद, बाप की मजबूरी
- अध्याय 7: वापसी
- अध्याय 8: चुपचाप मोहब्बत
- अध्याय 9: छोटी-छोटी उम्मीदें
- अध्याय 10: छोटी-सी उम्मीद
- अध्याय 11: पहली सच्ची बात
- अध्याय 12: पहली उम्मीद की किरण
- अध्याय 13: दिल की पहली हलचल
- अध्याय 14: पहली हँसी
- अध्याय 15: पहली बारिश, पहला स्पर्श
- अध्याय 16: पहली अनकही खुशी
- अध्याय 17: पहली बारिश, पहली अनकही बात
- अध्याय 18: पहली बार दिल की बात
- अध्याय 19: धीरे-धीरे पिघलता दिल
- अध्याय 20: दिल की पहली स्वीकृति
- अध्याय 21: नई शुरुआत की पहली किरण
- अध्याय 22: पहली यात्रा, नई closeness
- अध्याय 23: पहाड़ों की नजदीकी
- अध्याय 24: घर की खुशी और गहरी नजदीकी
- अध्याय 25: नई जिंदगी की मिठास
- अध्याय 26: सपनों की ओर एक कदम
- अध्याय 27: परिवार के साथ खुशी का मिलन
- अध्याय 28: कोर्स और नई उम्मीदें
- अध्याय 29: डिज़ाइन की पहली सफलता
- अध्याय 30: खुशियों का नया दौर
- अध्याय 31: उम्मीद की पहली झलक
- अध्याय 32: डॉक्टर की पुष्टि और अनंत खुशी
- अध्याय 33: खुशखबरी का बंटवारा
- अध्याय 34: नर्सरी की तैयारी और सपनों का घर
- अध्याय 35: अल्ट्रासाउंड और दिल की गहराई
- अध्याय 36: छोटी सी धड़कन और बड़ी उम्मीदें
- अध्याय 37: परिवार का विस्तार और गहरी बंधन
- अध्याय 38: नर्सरी की पूर्णता और दिल की धड़कन
- अध्याय 39: माँ बनने की तैयारी
- अध्याय 40: माँ की पहली आवाज़
- अध्याय 41: पूर्णता
