क्या बदला कभी प्यार में बदल सकता है?
अद्वैत सिंह राठौर — ३२ वर्षीय, खतरनाक, बेरहम और बेहद शक्तिशाली बिजनेसमैन। उसका एकमात्र मकसद था — राहुल मेहरा को पूरी तरह तबाह कर देना। बदले की आग में जलता अद्वैत राहुल की सबसे कमजोर कड़ी के पास पहुँचा — उसकी छोटी बहन इशिता मेहरा।
इशिता — २५ वर्षीय, मासूम, भावुक और सच्ची लड़की। वह अपने भाई की दुनिया थी।
अद्वैत ने इशिता को फँसाने की योजना बनाई — उसे प्यार का जाल बिछाया, लेकिन जैसे-जैसे समय बीता, इशिता की निश्छल मोहब्बत ने उसके पत्थर दिल को हिला दिया।
अब अद्वैत दो आगों के बीच फँस चुका था — एक तरफ पुराना बदला, दूसरी तरफ नया इश्क़।
“बदला इश्क़ बन गया” — एक Intense, Dark, Emotional और Passionate कहानी जो आपको हर अध्याय में बाँधे रखेगी।
