माफिया के इश्क़ की कैद का Part 1 पढ़ने वाले पाठकों के लिए:
यदि आपने Part 1 अभी तक नहीं पढ़ा है, तो कृपया पहले उसे पढ़ें — यहाँ क्लिक करें
Part 1 के अंत में वीरांश सिंह राठौर को अपने भाई विवान की गोली लग चुकी है। इशिता वर्मा चीख रही है। रुद्र प्रताप राणा का अंत हो चुका है, लेकिन असली खेल अभी शुरू ही हुआ है।
अब Part 2 में कहानी और गहराई लेती है। विश्वासघात, छुपे राज़, बढ़ता जुनून और खतरनाक दुश्मनों के बीच इशिता और वीरांश का रिश्ता और कठिन परीक्षा से गुज़रेगा। क्या वीरांश बच पाएगा? विवान का असली मकसद क्या है? और इशिता अपनी आज़ादी और प्रेम के बीच क्या चुनती है?
यह इश्क़ अब और गहरी कैद बन चुका है।
