मौत एक्सप्रेस

मौत एक्सप्रेस
Text size
👁 17,300 views

एक बरसाती रात में चलने वाली एक पुरानी ट्रेन “मौत एक्सप्रेस” वर्षों बाद फिर पटरी पर लौटती है।

कहा जाता है कि यह ट्रेन एक बार सफर शुरू कर दे, तो हर स्टेशन पर कोई न कोई यात्री कम हो जाता है।

कुछ लोग इसे अफवाह मानते हैं।
कुछ इसे रेलवे का पुराना हादसा कहते हैं।

लेकिन जिन लोगों ने इस ट्रेन में सफर किया है, वे कभी सामान्य होकर वापस नहीं लौटे।

इस बार ट्रेन में बैठे यात्रियों को धीरे-धीरे एहसास होता है कि वे किसी साधारण सफर पर नहीं हैं।

घड़ी हर रात 12:13 पर रुक जाती है।

एक डिब्बा ऐसा है जो टिकट में दर्ज ही नहीं।
हर यात्री के पास कोई न कोई छुपा हुआ पाप है।
और ट्रेन जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, हर किसी का अतीत उसके सामने जीवित होकर लौटने लगता है।

क्या यह ट्रेन सचमुच मौत की ओर जा रही है?
या यह उन लोगों को उनके कर्मों का हिसाब देने आई है?

All Chapters

Leave a Reply

Scroll to Top