कुछ फोन कॉल सिर्फ बातचीत नहीं करते…
वे इंसान की पूरी जिंदगी बदल देते हैं।
राजस्थान की ऐतिहासिक रियासत सूर्यगढ़ के शाही महल में रहने वाली राजकुमारी अन्विता सिंह की जिंदगी बाहर से बिल्कुल परफेक्ट दिखाई देती थी।
शाही परिवार। सम्मान। दौलत। और आने वाली महारानी बनने की जिम्मेदारी।
लेकिन हर रात ठीक 12 बजे उसका फोन बजता था।
स्क्रीन पर कभी कोई नंबर दिखाई नहीं देता। सिर्फ एक शब्द— “Unknown.”
पहली रात उसने फोन काट दिया।
दूसरी रात उसने आवाज सुनी।
फोन के दूसरी तरफ मौजूद व्यक्ति ने सिर्फ इतना कहा—
“तुमने सात साल की उम्र में महल के पुराने कुएँ के पास जो किया था… वह आज तक किसी को नहीं बताया।”
अन्विता के हाथ कांप उठे।
क्योंकि वह राज़ उसने कभी किसी से साझा नहीं किया था।
इसके बाद हर रात वही फोन आने लगा।
हर कॉल में अजनबी उसकी जिंदगी का ऐसा राज़ बताता जिसे उसके अलावा कोई नहीं जान सकता था।
धीरे-धीरे अन्विता को महसूस होने लगा कि कोई सिर्फ उसकी जिंदगी नहीं देख रहा… बल्कि वर्षों से उसकी हर सांस पर नजर रखे हुए है।
लेकिन सबसे बड़ा झटका तब लगा… जब अजनबी ने कहा—
“अगली रात मैं तुम्हें बताऊँगा… तुम्हारी असली पहचान क्या है।”
अब सवाल था— वह अजनबी कौन था? उसे राजकुमारी के हर राज़ की जानकारी कैसे थी?
All Chapters
- अध्याय 1: रात का पहला फोन और काँपता अतीत
- अध्याय 2: पुराने कुएँ का गुप्त अपराध
- अध्याय 3: साइबर विशेषज्ञ का प्रवेश
- अध्याय 4: राजमाता की चुप्पी और महल का तहखाना
- अध्याय 5: पिता का छुपाया हुआ विश्वासघात
- अध्याय 6: पहली मोहब्बत का खून से सना राज़
- अध्याय 7: पुरानी डायरी और गुमशुदा राजकुमार
- अध्याय 8: अन्विता की असली पहचान की ओर
- अध्याय 9: शाही परिवार का अंतिम षड्यंत्र
- अध्याय 10: अजनबी का चेहरा और सच का अंतिम फोन
