हर सुबह…
आर्यव…
सबसे पहले मुस्कुराता था।
ऑफिस में…
दोस्तों के बीच…
परिवार के सामने…
हर जगह…
उसके चेहरे पर…
बस मुस्कान रहती थी।
लोग कहते थे…
“यार… इससे ज़्यादा खुश इंसान शायद ही कोई होगा।”
लेकिन…
हर रात…
अपने कमरे की बत्ती बंद होने के बाद…
वही इंसान…
घंटों रोता था।
उसकी अलमारी में…
एक पुरानी डायरी…
कुछ अधूरे ख़त…
और…
एक तस्वीर छिपी थी…
जिसे उसने वर्षों से किसी को नहीं दिखाई।
जब उसकी अचानक गुमशुदगी की खबर आई…
तब पहली बार…
उसकी डायरी खुली…
और…
हर मुस्कान के पीछे छिपा…
एक ऐसा दर्द सामने आया…
जिसने…
पूरे परिवार को भीतर तक तोड़ दिया।
All Chapters
- अध्याय 1 — सबसे बड़ी मुस्कान
- अध्याय 2 — बंद कमरे की ख़ामोशी
- अध्याय 3 — अधूरी डायरी
- अध्याय 4 — एक पुरानी तस्वीर
- अध्याय 5 — पहला टूटना
- अध्याय 6 — अनकहे ख़त
- अध्याय 7 — झूठी खुशियाँ
- अध्याय 8 — वर्षों का बोझ
- अध्याय 9 — सच का सामना
- अध्याय 10 — आख़िरी स्वीकारोक्ति
- अध्याय 11 — मुस्कान के पीछे का दर्द
- अध्याय 12 — नई सुबह
