नैरा सिंह…
प्यार पर…
दोबारा भरोसा करना भूल चुकी थी।
एक असफल रिश्ते ने…
उसे भीतर तक तोड़ दिया था।
फिर…
उसकी ज़िंदगी में…
अगस्त्य राजदेव आया।
वह…
हर उस दर्द को समझता था…
जिसे नैरा कभी शब्दों में नहीं कह पाई।
धीरे-धीरे…
दोनों की मोहब्बत…
हर दिन गहरी होती गई।
लेकिन…
एक रात…
नैरा को…
अगस्त्य के लैपटॉप में…
एक फ़ोल्डर मिला।
उस फ़ोल्डर का नाम था—
“Project Naira”
उसमें…
उसकी तस्वीरें थीं…
उसकी दिनचर्या…
उसकी बैंक डिटेल…
उसके परिवार की पूरी जानकारी…
और…
एक तारीख़…
जिस दिन…
अगस्त्य पहली बार…
उससे मिला था।
क्या यह…
सिर्फ़ इत्तेफ़ाक़ था…
या…
पूरी मोहब्बत…
पहले से लिखी हुई…
एक खतरनाक साज़िश?
All Chapters
- अध्याय 1 — पहली मुलाक़ात
- अध्याय 2 — बढ़ती नज़दीकियाँ
- अध्याय 3 — अधूरा अतीत
- अध्याय 4 — भरोसे की कसमें
- अध्याय 5 — Project Naira
- अध्याय 6 — पहला धोखा
- अध्याय 7 — झूठ का जाल
- अध्याय 8 — छिपी हुई साज़िश
- अध्याय 9 — असली खिलाड़ी
- अध्याय 10 — मोहब्बत का मुक़दमा
- अध्याय 11 — सबसे बड़ा खुलासा
- अध्याय 12 — मोहब्बत… या साज़िश?
